राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम

(भारत सरकार का उपक्रम)

1955 से लघु उद्यम के विकास की सुविधा

एकल बिंदु पंजीकरण योजना

एन एस आई सी की एकल बिंदु पंजीकरण स्कीम के अधीन पंजीकृत यूनिटें, भारत सरकार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 23.03.2012 की राजपत्रित अधिसूचना के जरिए अधिसूचित और कानूनी आदेश (एस.ओ.) संख्या, 5670 (असाधारण), दिनांक 9 नवंबर, 2018 के जरिए संशोधित सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की सरकारी खरीद नीति संबंधी आदेश, 2012 के अधीन निम्नलिखित लाभ प्राप्त करने की पात्र हैं।

पंजीकरण के लाभ :

1.a) विधिमान्य पंजीकरण वाली सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों ( एम एस ई )को दिए जाने वाले लाभ :

  • 1.टेंडर सेट नि:शुल्क मिलना
  • 2.अग्रिम धन जमा ई एम डी का भुगतान करने से छूट
  • 3.एल-1 15 प्रतिशत के कीमत बैंड के अंदर कीमत की दर देते समय टेंडर में भाग लेने वाली सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ऐसी स्थिति में अपनी कीमत को एल-1 तक लाकर मांग के 25 प्रतिशत तक के भाग की आपूर्ति करने की भी अनुमति देना, यदि एल-1 में कोई भी सूक्ष्म एवं लघु उद्यम न हो।
  • 4.टेंडर मार्केटिंग के लिए कंसोर्टिया सुविधा
    1. प्रत्येक केंद्रीय मंत्रालय/विभाग/सरकारी क्षेत्र के उपक्रम अपने वार्षिक खरीद के लक्ष्य कम से कम 25 प्रतिशत की कुल वार्षिक खरीद सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों द्वारा उत्पादित उत्पादों या दी जाने वाली सेवाओं से करने का लक्ष्य रखेंगे। सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों द्वारा उत्पादित उत्पादों या दी जाने वाली सेवाओं के 25 प्रतिशत की वार्षिक आवश्यकता में से 4 प्रतिशत की खरीद अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के स्वामित्व वाली यूनिटों से और 3 प्रतिशत की खरीद महिला उद्यमों के स्वामित्व वाली यूनिटों से की जाएगी। एकल बिंदु पंजीकरण स्कीम के अधीन पंजीकृत यूनिटें सरकार की आपूर्ति श्रृंखला के एकीकृत भाग हैं।
    2. उपर्युक्त के अतिरिक्त, 358 मदों की खरीद एम एस ई सेक्टर से ही की जाएंगी (इनकी सूची डाउनलोड सेक्शन में नीचे दी गई है)।

पात्रता :

  • 1. b)ईएम पार्ट-II (वैकल्पिक)/उद्योग आधार मेमोरेंडम (यूएएम)/उद्यम पंजीकरण वाले सभी सूक्ष्म और लघु उद्यम अपनी एकल बिंदु पंजीकरण योजना (एसपीआरएस) के तहत एनएसआईसी के साथ पंजीकरण के लिए पात्र हैं।
  • 1. c)सूक्ष्म और लघु उद्यम जिन्होंने पहले ही अपना वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है लेकिन अस्तित्व का एक वर्ष पूरा नहीं किया है। ऐसे सूक्ष्म और लघु उद्यमों को एकल बिंदु पंजीकरण योजना के तहत अस्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र रुपये की मौद्रिक सीमा 5.00 लाख के साथ जारी किया जा सकता है।

पंजीकरण का मापदंड :

  1. विनिर्माण और सेवाओं में लगे सूक्ष्म और लघु उद्यम पंजीकरण के पात्र हैं।
  2. ट्रेडर इस स्कीम के अधीन पंजीकरण के पात्र नहीं हैं।
  3. एकल बिंदु पंजीकरण स्कीम का विधिमान्य प्रमाण-पत्र पंजीकरण की तारीख से दो वर्ष का होता है और उसके पश्चात प्रत्येक दो वर्ष बाद उसका नवीकरण किया जाता है।
  4. यदि किसी सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ने अपना वाणिज्यिक उत्पादन (स्टार्ट अप) पहले ही शुरू कर दिया हो, लेकिन उसे अस्तित्व में आए 1 वर्ष पूरा न हुआ हो, तो वह 1 वर्ष के लिए अनंतिम पंजीकरण का पात्र होता है। 1 वर्ष पूरा होने के बाद ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्यम पूर्ण पंजीकरण के लिए आवेदन-पत्र दे सकते हैं।

2.b)ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया :

  1. कृपया उद्यम पंजीकरण संख्या प्राप्त करने के लिए उद्यम पंजीकरण वेबसाइट देखें।
  2. एम एस ई को यूएएम संख्या और पैन का प्रयोग करते हुए एम एस एम ई डेटा बैंक में स्वयं को पंजीकृत करना होगा, ताकि वे एकल बिंदु पंजीकरण में स्वयं को पंजीकृत करवा सकें।
  3. एकल बिंदु पंजीकरण के साथ स्टेप फॉर्म ऑनलाइन हैं। प्रत्येक स्टेप को आगे-पीछे भरा जा सकता है। प्रत्येक स्टेप सेव हो जाता है और ऑप्शन जारी रहता है। इस प्रकार फॉर्म भरा जा सकता है और अपने पैन तथा यूएएम को मिलाकर इसे कभी भी देखा जा सकता है।
  4. अपेक्षित फॉर्म, अनुबंध और दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करने के लिए कृपया क्लिक लिस्ट और डाउनलोड सेक्शन होकर जाएं।
  5. हमेशा यह उचित होता है कि फास्ट लोडिंग के लिए अपने डेस्कटॉप पर फोल्डर में सभी अपेक्षित फॉर्म, अनुबंध और दस्तावेज रखें।
  6. यूनिट उद्यम की श्रेणी, (सूक्ष्म या लघु) के आधार पर शुल्क लिया जाता है।
  7. सामान की मदों का निरीक्षण करने के लिए अन्य पक्षकार निरीक्षण भी किया जाता है। यूनिटों से अनुरोध है कि वे कृपया अपने डोमैन विशेषज्ञता और अधिकार क्षेत्र के अनुसार निरीक्षण एजेंसी का चयन करें।
  8. अंतिम प्रमाण-पत्र ऑनलाइन उपलब्ध होगा और संबंधित एनएसआर्इसी कार्यालय वास्तविक सर्टिफिकेट की प्रति डाक से भेजेंगे।
  9. कृपया किसी भी पत्राचार में प्रमाण-पत्र की पंजीकरण संख्या का उल्लेख करें।
  10. https://nsic.co.in/Corporate/SearchBranch.aspx में जाकर किसी भी पूछताछ के लिए हमारे एनएसआर्इसी के फील्ड कार्यालय से संपर्क करें।

2.c) जहां एमएसई के एक ही राज्य में या राज्य के बाहर स्थित एक से अधिक कारखाने हैं, सभी कारखानों को एक शाखा में पंजीकृत किया जाएगा और इस तरह के आवेदन पर केवल एक शाखा में विचार किया जाएगा।

3 a) पंजीकरण का नवीनीकरण :

  1. एसपीआरएस प्रमाणपत्र की वैधता पंजीकरण की तारीख से 2 वर्ष की है और MSE इकाई प्रमाणपत्र की समाप्ति से 6 महीने पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकती है।
  2. एसपीआरएस प्रमाणपत्र की समाप्ति से पहले नवीनीकरण के लिए आने वाले एमएसई को नवीनीकरण शुल्क पर 50% की छूट मिलती है।
  3. एमएसई इकाइयां जिनके पिछले जारी प्रमाण पत्र में कोई बदलाव नहीं है, वे ऑनलाइन नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

3 b) नवीनीकरण के लिए प्रक्रिया :

  1. यह अनुरोध है कि आवश्यक प्रपत्रों, अनुलग्नकों और दस्तावेजों के बारे में जानने के लिए चेक-लिस्ट और डाउनलोड अनुभाग देखें।
  2. यह हमेशा सलाह दी जाती है कि कृपया अपने डेस्कटॉप पर सभी आवश्यक प्रपत्रों, अनुलग्नकों और दस्तावेजों को एक फ़ोल्डर (जैसे C:\Users\Admin\Desktop\OnlineApplication) में तेजी से अपलोड करने के लिए रखें।
  3. यूनिट एंटरप्राइज श्रेणी (सूक्ष्म या लघु) के आधार पर शुल्क लिया जाएगा और एसपीआरएस प्रमाण पत्र की समाप्ति से पहले नवीनीकरण के लिए आने वाले एमएसई को नवीनीकरण शुल्क पर 50% की छूट मिलती है।
  4. अंतिम प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध होगा और संबंधित एनएसआईसी कार्यालय डाक द्वारा भौतिक प्रमाण पत्र की प्रति भेजेगा।
  5. किसी भी संचार के लिए, प्रमाण पत्र की पंजीकरण संख्या उद्धृत की जा सकती है।
  6. किसी भी प्रश्न के लिए https://nsic.co.in/Corporate/SearchBranch.aspx पर जाकर हमारे एनएसआईसी क्षेत्रीय कार्यालयों से संपर्क करें।

नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान पंजीकरण के समय दिए गए डेटा से प्रत्येक चरण स्वचालित रूप से पॉप्युलेट हो जाएगा।

3 c) नवीनीकरण निरीक्षण - (जहां मौद्रिक सीमा 10 करोड़ रुपये से अधिक है।)

पंजीकरण के नवीनीकरण के मामले में जहां निगरानी की सीमा 10 करोड़ रुपये से अधिक है और पिछले एक वर्ष के दौरान तकनीकी निरीक्षण एजेंसी या एनएसआईसी द्वारा निरीक्षण नहीं किया गया है, ऐसी इकाइयों का नवीनीकरण प्रमाणपत्र जारी करने से पहले एनएसआईसी के संबंधित शाखा कार्यालय द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। . निरीक्षण शुल्क राइट्स द्वारा लिए जाने वाले निरीक्षण शुल्क के बराबर होगा।

4 a) नामांकन प्रमाण पत्र में संशोधन :

सूक्ष्म और लघु उद्यम हमारी वेबसाइट www.nsicspronline.com पर ऑनलाइन आवेदन करेंगे

  1. यह अनुरोध है कि आवश्यक प्रपत्रों, अनुलग्नकों और दस्तावेजों के बारे में जानने के लिए चेकलिस्ट और डाउनलोड अनुभाग देखें।
  2. यह हमेशा सलाह दी जाती है कि कृपया अपने डेस्कटॉप पर सभी आवश्यक प्रपत्रों, अनुलग्नकों और दस्तावेजों को तेजी से अपलोड करने के लिए एक फ़ोल्डर में रखें।
  3. यूनिट इंटरप्राइज श्रेणी (सूक्ष्म या लघु) के आधार पर शुल्क नवीकरण शुल्क के मामले में नए शुल्क का 50% लिया जाएगा।
  4. अंतिम प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध होगा और संबंधित एनएसआईसी कार्यालय डाक द्वारा भौतिक प्रमाण पत्र की प्रति भेजेगा।
  5. किसी भी संचार के लिए, प्रमाण पत्र की पंजीकरण संख्या उद्धृत की जा सकती है।
  6. किसी भी प्रश्न के लिए https://nsic.co.in/Corporate/SearchBranch.aspx पर जाकर हमारे एनएसआईसी क्षेत्रीय कार्यालयों से संपर्क करें।

4 b) संशोधन :

  • कंपनी के नाम में परिवर्तन या कार्यालय के पते में परिवर्तन
  • कंपनी के कारखाने के पते में परिवर्तन
  • भागीदारों में परिवर्तन
  • निदेशकों में परिवर्तन
  • मौद्रिक सीमा में संशोधन
  • अतिरिक्त मदों का समावेश (स्टोर)
  • श्रेणी में परिवर्तन (एससी/एसटी और सामान्य)

4 c) नवीनीकरण और संशोधन जब दोनों को एक साथ लागू किया जाता है तो केवल नवीकरण शुल्क लगेगा।

5 a) पंजीकरण शुल्क के लिए यहां क्लिक करें।

6. सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की आर्थिक सीमाओं के परिकलन एवं नियतन की प्रक्रिया:

कंपनी की आर्थिक सीमा, लेखापरीक्षित तुलन-पत्रों में दर्शाए गए पिछले तीन वर्ष के यूनिट के निवल बिक्री कारोबार के आधार पर तय की जाती है।

आर्थिक सीमा पिछले तीन वर्ष के दौरान सबसे अधिक कुल कारोबार के आधार पर तय की जाती है, जो पिछले तीन वर्ष का हो सकता है या नहीं भी हो सकता है, बशर्ते कि यूनिट की संस्थापित और प्रचालन क्षमता घटाई नहीं गई हो

  • यदि संयंत्र और मशीनरी में कोई गिरावट नहीं आई हो, तो लेखापरीक्षित तुलन- पत्र में पिछले तीन वर्ष के दौरान दर्शाए गए अधिकतम कुल कारोबार का 50 प्रतिशत, आर्थिक सीमा तय करने का आधार होगा।
  • यदि संयंत्र और मशीनरी में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई हो तो निम्नलिखित बातों पर विचार किया जाएगा ।
  1. यदि उद्यम का कुल कारोबार पिछले तीन वर्ष से धीरे-धीरे बढ़ा हो और यूनिट लगातार लाभ में हो, तो आर्थिक सीमा पिछले तीन वर्ष में किए गए निवल बिक्री कारोबार के 50 प्रतिशत पर तय की जा सकती है।
  2. यदि कंपनी/साझेदारी वाला प्रतिष्ठान/स्वामित्व वाली यूनिट, पिछले तीन वर्षो में से एक वर्ष में घाटे पर रही हो, तो उनकी आर्थिक सीमा उनके औसत निवल बिक्री कारोबार के चालीस प्रतिशत पर तय की जाएगी।
  3. इसी प्रकार यदि सूक्ष्म एवं लघु उद्यम पिछले तीन वर्षो में से दो वर्ष घाटे में रहे हों, तो आर्थिक सीमा पिछले तीन वर्ष के उनके औसत निवल बिक्री कारोबार के 30 प्रतिशत पर तय की जाएगी।
  4. यदि सूक्ष्म एवं लघु उद्यम पिछले तीन वर्ष से लगातार घाटे में रहा हो, तो यूनिट की आर्थिक सीमा पिछले तीन वर्ष के दौरान यूनिट की औसत निवल बिक्री कारोबार के 20 प्रतिशत पर तय की जाएगी।

7. निम्नलिखित गतिविधियों में लगे एमएसई एकल बिंदु पंजीकरण योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र नहीं हैं :

  1. आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथिक दवाओं के निर्माण और आपूर्ति में लगे एमएसई (इकाई) को छोड़कर दवाओं और दवाओं का निर्माण
  2. थोक व्यापार, खुदरा व्यापार या कमीशन एजेंट
  3. एमएसई जिन्हें ऐसी अवधि की समाप्ति तक ब्लैक लिस्टेड किया गया है।
  4. एमएसई के मालिक/साझेदार/निदेशक/कर्ता को किसी भी आपराधिक अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है।

दावात्याग :

केवल ऑनलाइन फॉर्म प्रस्तुत कर देने से कोर्इ सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ( एमएसई ) एकल बिंदु पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का हकदार नहीं हो जाता है। जिन सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों ( एमएसई ) के पास विधिमान्य दस्तावेज हों और जो अन्य पक्षकार निरीक्षण में सफल हुए हों तथा जिन्होंने सभी शुल्क और देयताओं का भुगतान कर दिया हो वे एकल बिंदु पंजीकरण स्कीम (एसपीआरएस) प्रमाण पत्र के लिए पात्र होंगे।


क्र.सं.. डाउनलोड फाइल
1. नए पंजीकरण/अनुबंध की जांच-सूची(1-13)  देखे
2. पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए चेक-लिस्ट (14)  देखे
3. अनंतिम पंजीकरण की जाँच-सूची (15)  देखे
4. पंजीकरण में संशोधन के लिए नंबर (16A-16G)  देखे
5. निरीक्षण शुल्क के साथ पैनल में शामिल एजेंसियों की सूची (17 ए-17 ई)  देखे
6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) (18)  देखे
7. 358 आरक्षित मदों की सूची (19)  देखे

अद्यतनीकरण : 13-05-2022